धंधा पानी
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

धंधा-पानी: क्यों बेहाल हैं अधिकतर म्यूचुअल फंड्स

  • 21 जुलाई 2018

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ़्टी भी कुलाँचे मार रहा है.

लेकिन पिछले छह महीनों में लार्ज कैप म्यूचुअल फंड्स को छोड़कर अधिकतर म्यूचुअल फंड्स बेहाल हैं और बेहतर रिटर्न के लिए जूझ रहे हैं.

तो आख़िर क्या वजह है कि सेंसेक्स और निफ्टी के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद म्यूचुअल फंड्स का बुरा हाल है.

पिछले छह महीनों में छोटी और मझौली कंपनियों में निवेश वाले कई म्यूचुअल फंड्स का रिटर्न तो निगेटिव में चला गया है.

हालाँकि हालिया ख़राब प्रदर्शन के बावजूद आम निवेशकों की म्यूचुअल फंड्स में दिलचस्पी बरकरार है.

पिछले एक साल में इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी म्यूचुअल फंड्स स्कीम में रिकॉर्ड निवेश हुआ है.

वित्त वर्ष 2016-17 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंच प्लान यानी सिप से 43,921 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. यह 2017-18 में 53 फीसदी बढ़ गया.

पिछले चार साल से इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स में सिप के जरिए आने वाले निवेश को शेयर बाजार में घरेलू निवेश का रीढ़ माना जा रहा था.

मार्च 2018 में सिप से रिकॉर्ड 7,110 करोड़ करोड़ रुपये का निवेश हुआ.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे