धंधा-पानी
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सरकारी नौकरियों में 10 फ़ीसदी का आरक्षण के मायने क्या हैं?

  • 26 जनवरी 2019

मोदी सरकार ने संविधान में संशोधन कर ग़रीबों को सरकारी नौकरियों में 10 फ़ीसदी का आरक्षण दिया है, लेकिन जब सरकारी नौकरियों में लगातार कटौती हो रही है तो इसके मायने क्या हैं.

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही सिर्फ़ केंद्र सरकार की नौकरियों में ही तकरीबन 75 हज़ार नौकरियां खत्म हुई हैं. तो क्या मोदी सरकार का नौकरियों में ग़रीबों को आरक्षण का मुद्दा सिर्फ़ लॉलीपॉप है. आज धंधा-पानी में बात सरकारी नौकरियों में लगातार हो रही कटौती की.

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समर्थित रिसर्च के मुताबिक, 2015-16 में देश की जीडीपी में 7.4 फीसदी और 2016-17 में 8.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन देश में रोजगार वृद्धि दर में 2015-16 में 0.1 फीसदी और 2016-17 में 0.2 फीसदी की कमी आई है.

मतलब साफ़ है देश तरक्की तो कर रहा है, लेकिन सरकारी नौकरियां दिन पर दिन घट रही हैं. 2014 से लेकर अभी तक केंद्र सरकार की नौकरियों में 75 हजार की कमी आई है. ऐसे में 10 फीसदी आरक्षण का फायदा कैसे होगा?सरकारी नौकरियों में 10 फ़ीसदी का आरक्षण के मायने क्या हैं?

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