सऊदी अरब भारत का दोस्त या दुश्मन?

साल 1956 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सऊदी अरब के दौरे पर गए थे तो वहां आम लोगों ने नेहरू के स्वागत में 'मरहबा रसूल अल सलाम' मतलब शांति के दूत आपका स्वागत है के नारे लगाए थे.

हालांकि 1970 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत संघ की सेना के ख़िलाफ़ पाकिस्तान ने मुजाहिदीनों को खड़ा करने में मदद की और सऊदी का झुकाव पाकिस्तान की तरफ़ बढ़ता गया.

दोनों देशों के बीच संबंधों के इस इतिहास को समझने के लिए देखें ये वीडियो.

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