आयुष्मान बेबी 'करिश्मा' की कहानी
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पोस्टर वुमन: आयुष्मान बेबी 'करिश्मा' की कहानी

  • 19 अप्रैल 2019

ये है हरियाणा का करनाल की रहने वाली आठ महीने की बच्ची करिश्मा. करिश्मा को यहां हर कोई पहचानता है. करिश्मा, सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत पैदा होने वाली पहली बच्ची हैं.

हरियाणा में करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में करिश्मा 15 अगस्त 2018 को पैदा हुई थी. उस वक्त 'आयुष्मान भारत योजना' का ट्रायल चल रहा था. करिश्मा के माता-पिता ने कल्पना चावला अस्पताल इसलिए चुना था, ताकि बच्चे के जन्म में ख़र्च कम आए. क्योंकि उनका पहला बेटा बड़े ऑपरेशन से पैदा हुआ था और परिवार को कर्ज़ लेने की नौबत आ गई थी. लेकिन जब करिश्मा पैदा हुई, तो उसके माता-पिता को एक रुपए भी खर्च नहीं करना पड़ा.

अस्पताल वालों को करिश्मा के माता-पिता ने ऑपरेशन के लिए कोई पैसा नहीं दिया. इसके उलट योजना के तहत अस्पताल को सरकार की तरफ से करिश्मा के पैदा होने पर 9000 रुपए मिले.

लेकिन अगर करिश्मा के माता-पिता जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल जाते तो भी उनकी डिलिवरी मुफ्त में ही होती. आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा मिलता है. ये योजना वैसे तो 23 सितंबर 2018 से शुरू हुई थी. लेकिन अगस्त के महीने में हरियाणा में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो गया था. इस योजना के तहत गरीब परिवार के हर सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनता है, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के इलाज मुफ्त होता है.

करिश्मा के माता- पिता का जब आयुष्मान कार्ड बना और करिश्मा के होने पर जब उनको कोई पैसा नहीं देना पड़ा तो उन्हें लगा कि बाकी की छोटी-मोटी बीमारी का इलाज भी मुफ्त ही होगा. लेकिन कुछ महीने बाद उनका सच्चाई से सामना हुआ जब करिश्मा बीमार पड़ी.

करिश्मा की तबीयत ठीक नहीं है, उसका वजन 15 दिन में दो किलो कम हो गया है. पिछले दो दिनों से उसके माता पिता प्राइवेट अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं. उनके मुताबिक सरकारी अस्पताल में सुबह जाओ तो नंबर शाम को आता है और दवाइयां भी बाहर से लेनी पड़ती है. हर बार उनको जेब से पैसे भी देने पड़ते हैं और दिहाड़ी भी नहीं कमा पाते.

करिश्मा के माता पिता के मुताबिक उनको कार्ड का कोई फ़ायदा नहीं मिला. कार्ड में जिन अस्पतालों के नाम हैं वो सब उनके घर से 15-20 किलोमीटर दूर है. लिहाज़ा हर बार उन्हें प्राइवेट अस्पताल ही जाना पड़ता है.

आयुष्मान भारत योजना को शुरू हुए अभी आठ महीने ही हुए हैं. सरकार 10 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का दावा भी कर रही है. बजट में इसके लिए 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है. लेकिन इस योजना के लाभार्थियों की माने तो इस योजना को और बेहतर करने के लिए काफी गुंजाइश बाकी है.

रिपोर्टर- सरोज सिंह

कैमरा- पीयूष नागपाल

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