क्या मेंस्ट्रुअल कप से बदलेगी इनकी ज़िंदगी
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क्या मेंस्ट्रुअल कप से बदलेगी इनकी ज़िंदगी

  • 28 मई 2019

मलावी में सेनेटीर पैड के एक पैकेट की कीमत एक दिन की कमाई के बराबर है. इस कारण यहां लड़कियां माहवारी में सेनेटरी पैड इस्तेमाल नहीं कर पातीं.

वह हर महीने चार से पांच दिन स्कूल नहीं जातीं क्योंकि कपड़ा इस्तेमाल करने से उन्हें दिक्कत होती है.

यहां एक प्रोजेक्ट के तहत लड़कियों को मेंस्ट्रुअल कप दिए जा रहे हैं ताकि माहवारी से जुड़ी उनकी समस्याओं को कुछ कम किया जा सके.

मेंस्ट्रुअल कप का समर्थन करने वालों का कहना है कि ये सेनेटरी पैड्स के मुक़ाबले सस्ते होते हैं और कम से कम 10 साल चलते हैं. साथ ही इनसे कोई कचरा भी नहीं फैलता.

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