तालिबान-अमरीका की दोस्ती कहीं भारत पर ना पड़े भारी
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

तालिबान-अमरीका की दोस्ती कहीं भारत पर ना पड़े भारी

  • 19 जुलाई 2019

अफ़ग़ानिस्तान में फ़िज़ा बदल रही है. बीते 18 साल में पहली बार ऐसा हो रहा जब अमरीका अपने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए गंभीर नज़र आ रहा है.

तालिबान के साथ अमरीका की सात दौर की बातचीत हो चुकी है और समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं.

ऐसे संकेत मिल रहे हैं जो बताते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी हो सकती है और इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान की भूमिकाएं बदल जाएंगी.

ट्रंप प्रशासन ने यदि अफ़ग़ानिस्तान से निकलने में हड़बड़ी दिखाई तो भारत के लिए चिंताएं बढ़ सकती हैं. दुनिया जहान में संदीप सोनी की प्रस्तुति.