मून मिशन के लिए कैसे चुने गए थे नील आर्मस्ट्रॉन्ग
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मून मिशन के लिए कैसे चुने गए थे नील आर्मस्ट्रॉन्ग

  • 22 जुलाई 2019

भारत ने आज अपने अंतरिक्ष मिशन को आगे बढ़ाते हुए चंद्रयान-2 को रवाना कर दिया.

चंद्रयान 2 को सितंबर के पहले हफ़्ते में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने की योजना है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि चाँद का यह इलाक़ा काफ़ी जटिल है और चांद पर पहले उतर चुके देश, इस इलाके तक नहीं पहुंच सके हैं.

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यहां पानी और जीवाश्म मिल सकते हैं. रोचक बात ये है कि भारत का चंद्रयान उस समय मिशन पर निकला है जब पूरी दुनिया चांद पर इंसान के पहुंचने के 50 साल होने का जश्न मना रही है.

20 जुलाई 1969 को अमरीकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा की सतह पर क़दम रखा था और मनुष्य की कामयाबी का एक नया इतिहास रच दिया था.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मिशन के लिए नील आर्मस्ट्रॉन्ग को ही क्यों चुना गया था.

अपोलो 11 मिशन के अंतरिक्ष यात्री रहे माइकल कॉलिन्स इस चुनाव को कुछ इस तरह याद करते हैं.

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