मुर्तज़ा भुट्टो: ज़िंदगी से मौत तक का सफ़र

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो को फाँसी दिए जाने के बाद उनकी विरासत उनकी बेटी बेनज़ीर को मिली. हालांकि उनके छोटे भाई मुर्तज़ा भुट्टो आख़िरी क्षणों तक उसे अपने नाम करने की कोशिश करते रहे. 20 सितंबर, 1996 को रहस्यमय परिस्थितियों में उन्हें गोली मार दी गई. उनकी 23वीं बरसी पर उन्हें 'विवेचना' में याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल.