कश्मीर घाटी के हालात बेहतर करने के लिए क्या कर रही है सरकार?
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कश्मीर घाटी के हालात बेहतर करने के लिए क्या कर रही है सरकार?

  • 11 अक्तूबर 2019

कश्मीर घाटी में हालात बेहतर करने के लिए सरकार ने कुछ और क़दम उठाने का ऐलान किया है. कश्मीर में शांति बनाए रखने और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है ख़ासकर सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए क़दम उठाए जा रहे हैं. इसके बारे में ताज़ा अपडेट दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता रियाज मसरूर.

तीन बिंदुओं पर आधारित नीति शुरू की गयी है और इसमें सबसे ज़्यादा सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.

आंतरिक सुरक्षा की बात करें तो इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि जो शरारती तत्व बाज़ारों को खुलने से रोकते हैं उन्हें तुरंत गिरफ़्तार किया जाए. यहां के डीजीपी दिलबाग सिंह ने सख़्त निर्देश दिए हैं कि समस्या पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा.

इसी तरह की कार्रवाई में चार युवाओं को गिरफ़्तार किया है.

सीमा पर सुरक्षा के अलावा कश्मीर पुलिस के जवान भी उपद्रवियों पर सख्ती बरत रहे हैं और उन्हें आदेश मिले हैं कि किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए.

सरकार कश्मीर के अख़बारों में विज्ञापन देकर वहां के लोगों को यह भी संदेश दे रही है कि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का फ़ैसला उनके हितों के लिए ही है.

कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार पंचायत चुनाव और बीडीसी चुनाव को ठीक से करवाने पर अधिक ध्यान दे रही है. इन चुनावों का अधिकतर राजनीतिक पार्टियों ने बायकॉट किया है.

सिर्फ बीजेपी और जेडीयू ही सक्रिय रूप से अभी चुनावी मैदान में है. इन चुनावों में खर्च होने वाले पैसों की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है. पूरे देश में पंचायत चुनाव के लिए 10 हज़ार खर्च हो सकते हैं लेकिन यहां इसे बढ़ाकर 1 लाख कर दिया गया है. बीडीसी चुनाव में खर्च की सीमा देशभर में 25 हज़ार है लेकिन यहां उसे बढ़ाकार 2.5 लाख कर दिया गया है.

इस चुनाव से कश्मीर के सियासी खालीपन को भरने की उम्मीद की जा रही है.

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