बदलते दौर में कैसे बदल रहा है क्लासिकल डान्स का स्वरूप
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बदलते दौर में कैसे बदल रहा है क्लासिकल डांस का स्वरूप

  • 13 फरवरी 2020

कुछ समय पहले तक क्लास रूम टीचिंग को पढ़ने और सीखने का एकमात्र ज़रिया समझा जाता था.

लेकिन बदलते दौर में क्लासरूम की परिभाषा भी बदली है, जिसके तहत भास्वती मिश्रा ऑनलाइन के ज़रिए अपनी कला को घर-घर तक पहुँचा रही है. भास्वती एक कथक नर्तकी हैं और पिछले 39 सालों से कथक सिखा रही हैं.

वीडियो: बुशरा शेख़

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