Corona Virus: क्या इंसान को बचने के लिए अब Non Veg छोड़ना होगा?

Corona Virus: क्या इंसान को बचने के लिए अब Non Veg छोड़ना होगा?

साल 2002 की सार्स बीमारी और 2013 में पश्चिमी अफ़्रीका में फैले इबोला के वक़्त भी ऐसा ही हुआ जो आज कोविड-19 की महामारी में हो रहा है. ये सभी जानवरों से इंसानों में फैली वायरस वाली महामारी के उदाहरण हैं.

एक नई स्टडी के मुताबिक़ इंसान ही विषाणुओं को जानवरों से इंसान तक ला रहे हैं. एक साइंस जर्नल 'प्रोसीडिंग्स ऑफ़ दी रॉयल सोसायटी बीः बॉयोलॉजिकल साइंसेज' में हाल ही में इस सिलसिले में ये रिसर्च पेपर पब्लिश हुआ है. इस रिसर्च पेपर की लीड राइटर क्रिस्टीन जॉनसन हैं जो यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया के वेटनरी स्कूल में रिसर्चर भी हैं. क्रिस्टीन जॉनसन और उनके सहयोगियों ने ऐसे 142 मामलों को स्टडी किया है जहां कोई बीमारी जानवरों से होते हुए इंसानों तक पहुंच गई. क्रिस्टीन की टीम ने विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए जानवरों की रेड लिस्ट को भी देखा. इस रिसर्च का सबसे Important conclusion विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए जानवरों से जुड़ा हुआ है.

ये वो जानवर नहीं है जो किसी बीमारी या ग़ैर-इंसानी गतिविधि की वजह से लुप्त होने की कगार पर पहुंच गए बल्कि ये वो जीव हैं जो शिकार, तस्करी और natural habitat के ख़त्म होने की वजह से अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं और ये ही इंसानों को बीमारी वाले विषाणुओं से नुक़सान पहुंचा रहे हैं.

वीडियो: सर्वप्रिया सांगवान और देबलिन रॉय

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