आरबीआई ने लॉकडाउन के बीच लिए फैसले, आम लोगों को क्या फ़ायदा होगा?

आरबीआई ने लॉकडाउन के बीच लिए फैसले, आम लोगों को क्या फ़ायदा होगा?

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को रेपो रेट 4.4 से घटाकर चार फ़ीसदी कर दिया. ऐसा उन्होंने कोरोना वायरस और लॉकडाउन में आई मंदी को लेकर किया है ताकि अर्थव्यवस्था को गति मिल सके. रेपो रेट का मतलब उस दर से है जिस पर आरबीआई से व्यावसायिक बैंकों को छोटी अवधि का लोन मिलता है.

इससे बैंकों के पास नक़दी बढ़ेगी. लॉकडाउन के कारण देश में बेरोज़गारी बढ़ी है और कारोबार को भी बहुत नुक़सान हुआ है. रिवर्स रेपो रेट में भी 40 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है. रिवर्स रेपो रेट का मतलब उस दर से होता है जिस दर पर व्यावसायिक बैंक आरबीआई के पास अपने पैसे रखते हैं. अब रिवर्स रेपो रेट 3.75 से घटाकर 3.35 कर दिया गया है. शक्तिकांत दास ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के पाँच सदस्यों ने रेपो रेट कम करने के पक्ष में वोट किया था. आरबीआई ने तय समय में क़र्ज़ चुकाने की अवधि भी तीन महीने के लिए बढ़ा दी है. यानी ईएमआई चुकाने में तीन और महीने की छूट दी गई है.

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