कोरोना वायरस: वो ज़हरीले जानवर जो इंसान के लिए वरदान बन गए

कोरोना वायरस: वो ज़हरीले जानवर जो इंसान के लिए वरदान बन गए

जब तक मेडिकल साइंस का आविष्कार नहीं हुआ था, इंसान पेड़-पौधों और जड़ी बूटियों से ही इलाज करता था. निएंडरथल्स मानवों ने भी चिनार के पेड़ की छाल का इस्तेमाल दर्द निवारक के रूप में किया था. जानवरों का भी उनके औषधीय गुणों के लिए शोषण किया जाता रहा है. मिसाल के लिए चीन की पारंपरिक चिकित्सा (TCM) में जानवरों की 36 तरह की प्रजातियों का इस्तेमाल होता रहा है.

इसमें भालू, गैंडे, बाघ और समुद्री घोड़े तक शामिल हैं. इनमें से कई तो अब ख़त्म होने के कगार पर हैं. अभी पैंगोलिन को कोविड-19 के लिए ज़िम्मेदार माना जा रहा है. लेकिन हाल के कुछ समय तक चीन में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पैंगोलिन पालन होता था.

स्टोरीः जो कूरमियर, बीबीसी फ़्यूचर

वीडियो एडिटः काशिफ़ सिद्दिक़ी

आवाज़ः नवीन नेगी

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