'पानी पी कर रोज़ा खोलते हैं'- उज्ज्वला योजना की पहली लाभार्थी

'पानी पी कर रोज़ा खोलते हैं'- उज्ज्वला योजना की पहली लाभार्थी

"क्या बताएं दीदी, पानी पी कर रोज़ा खोलते हैं. घर पर खाने को कुछ है नहीं, लॉकडाउन में आदमी को कोई काम नहीं मिल रहा है. अब गैस लेकर क्या करेंगे."

ये है उज्ज्वला योजना की पहली लाभार्थी ज़रीना की कहानी.

ज़रीना उत्तर प्रदेश के मऊ में रहती हैं. उज्ज्वला योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बलिया से प्रधानमंत्री मोदी ने ख़ुद किया था.

ज़रीना को वहीं पर प्रधानमंत्री के हाथों गैस सिलेंडर मिला था. पिछले एक साल में उनका दावा है कि उन्होंने उज्ज्वला स्कीम में 6 सिलेंडर लिए हैं.

ज़रीना सालों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का इंतजार कर रही थी. उनको आज तक वो मकान नहीं मिला है.

हां, शौचालय के लिए 12000 रुपया ज़रूर मिला है. उसमें 3000 रुपया और मिला कर ज़रीना ने घर पर एक शौचालय बना लिया है.

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