जावेद अख़्तर ने जब प्रवासी मज़दूरों पर लिखी अपनी कविता सुनाई

जावेद अख़्तर ने जब प्रवासी मज़दूरों पर लिखी अपनी कविता सुनाई

'वो लाउडस्पीकर भी चुप थे

जो दोनों को बताते- कौन हो तुम?

अब दोनों ने है ये जाना

एक अमीरी, एक ग़रीबी

दुनिया में दो ही ज़ात हैं

बाक़ी सब झूठी बातें हैं'

मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर ने सुनाई मज़दूरों पर लिखी अपनी कविता...

वीडियो: विकास त्रिवेदी और देबलिन रॉय

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