परशुराम उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक इतने अहम कैसे हो गए?

परशुराम उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक इतने अहम कैसे हो गए?

हिन्दू धर्म में परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है और मान्यता है कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश में ही हुआ था.

बावजूद इसके उत्तर भारत में परशुराम का शायद ही कोई मंदिर दिखे और किसी मंदिर में शायद ही उनकी कोई मूर्ति दिखे.

सियासी पार्टियों को यह बात शायद अखर गई और उनके बीच अचानक भगवान परशुराम की ऊंची-ऊंची मूर्तियां लगवाने की घोषणा की होड़ सी लग गई.

हालांकि इसके पीछे परशुराम के प्रति आस्था कम, ब्राह्मण समुदाय को ख़ुश करने की राजनीतिक आकांक्षा ज़्यादा दिख रही है.

सवाल यह भी है कि परशुराम की मूर्तियां क्या वास्तव में ब्राह्मणों को ख़ुश करने का ज़रिया बन सकती हैं?

स्टोरी और आवाज़: समीरात्मज मिश्र, बीबीसी हिंदी के लिए

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