सुग़रा हुमायूँ मिर्ज़ा: हैदराबाद दक़न की पहली महिला संपादक

सुग़रा हुमायूँ मिर्ज़ा: हैदराबाद दक़न की पहली महिला संपादक

बीबीसी हिंदी दस ऐसी महिलाओं की कहानी ला रहा है जिन्होंने लोकतंत्र की नींव मज़बूत की. उन्होंने महिला के अधिकारों को अपनी आवाज़ दी. वे समाज सुधारक थीं और कई महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचने वाली वे पहली महिला बनीं.

सुग़रा हुमायूं मिर्ज़ा को हैदराबाद दक़न की पहली महिला संपादक माना जाता है. उन्होंने स्त्रियों के लिए पत्रिका निकाली. उन्होंने ‘अन-निसा’ और ‘ज़ेब-उन-निसा’ पत्रिकाओं का संपादन किया.

उन्होंने पर्दे में क़ैद ज़िंदगी से ख़ुद को आज़ाद किया. घर से बाहर बिना पर्दे के निकलने वाली वे हैदराबाद दकन इलाक़े की पहली महिला मानी जाती हैं.

सन् 1934 में उन्होंने हैदराबाद में लड़कियों के लिए ‘मदरसा सफदरिया’ शुरू किया. आज भी वह स्कूल 'सफ़दरिया गर्ल्स हाईस्कूल' के नाम से चल रहा है.

बीबीसी हिंदी दस ऐसी महिलाओं की कहानी ला रहा है जिन्होंने लोकतंत्र की नींव मज़बूत की इसकी चौथी कड़ी में देखिए महाराष्ट्र की रखमाबाई राउत की कहानी.

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