अमरीका पर आखिरी बार हमला करने वाले जापान के बमों की कहानी

अमरीका पर आखिरी बार हमला करने वाले जापान के बमों की कहानी

बात द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी के आत्मसमर्पण के तीन दिन पहले की है, यानी 5 मई 1945 की, जब अमरीका के ओरेगॉन राज्य के ब्लाए शहर में छह लोगों की मौत की ख़बर आई.

हादसे से वक्त मौजूद चश्मदीदों से मिली जानकारी के आधार पर स्थानीय मीडिया में जो ख़बरें आईं उनमें कहा गया कि मरने वालों के ऊपर बारूद से भरे बड़े-बड़े गुब्बारे फूट गए हैं जिसके कारण उनकी तुरंत मौत हो गई.

मामले की जांच सेना ने अपने हाथों में ले ली. लेकिन उस वक्त उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि ये गुब्बारे 6,000 फीट ऊपर उड़ने वाले हॉट एयर गुब्बारों के समूह का हिस्सा थे जिन्होंने आसमान से बारूद भरे थैले गिराए थे और जो अमरीका पर हमले के लिए जापान के एक द्वीप से छोड़े गए थे.

हाल के सालों में युद्ध ने इन हथियारों से अवशेष अलास्का और उत्तर-पश्चिमी मेक्सिको के समुद्रतटीय इलाक़ों में मिले हैं. साल 2001 के 11 सितंबर तक गुब्बारों का ये हमला अमरीकी सरज़मीन पर आख़िरी हमला था.

इतिहासकार रॉस कॉएन बीबीसी को बताते हैं कि, "द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अगर अमरीका की ज़मीन पर कोई हमला हुआ था तो वो ये था. जिन लोगों पर ये गुब्बारे गिरे थे उनमें से कुछ उस वक्त पिकनिक मना रहे थे और ये इस कहानी को और भी दिलचस्प बना देता है."

स्टोरी: आंलेज़ेंद्रो मिलान वेलेन्सिया

आवाज़: मानसी दाश

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