भारत के लिए लड़ने वाले 'तिब्बती सैनिक' की कहानी

भारत के लिए लड़ने वाले 'तिब्बती सैनिक' की कहानी

53 साल के तिब्बती नाइमा तेनज़िन जब पैंगोंग लेक के पास गश्त लगा रहे थे तभी एक पुराने लैंडमाइन पर उनका पैर पड़ गया और उनकी मौत हो गई.

उनके निधन को लेकर सरकार ने कोई आधिकारिक बयान तो जारी नहीं किया पर जिस सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया उससे लद्दाख के तिब्बती शरणार्थियों की मांग को तवज्जो मिलने की चर्चा गर्म है.

बीबीसी संवादादाता आमिर पीरज़ादा ने तेनज़िन के परिवार से मुलाक़ात की.

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