आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच युद्ध में झोंके जा रहे युवाओं की कहानी

आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच युद्ध में झोंके जा रहे युवाओं की कहानी

नागोर्नो-काराबाख़ की लड़ाई में नियुक्त किए गए एक सीरियाई युवा ने बीबीसी अरबी सेवा के मोहम्मद इब्राहिम को बताया है कि सेना के साथ काम करने के उनके फ़ैसले के एक सप्ताह के भीतर उन्हें लड़ने के लिए अज़रबैजान भेज दिया गया.

सीरियाई युवा अब्दुल्ला (बदला हुआ नाम) का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने अज़रबैजान की सीमा पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर पहरा देने का काम करने के लिए हामी भरी थी लेकिन उन्हें बिना ट्रेनिंग लड़ाई में झोंक दिया गया.

उनका कहना है कि उन्हें सेना में आने के कुछ ही दिनों बाद नागोर्नो-काराबाख़ के इलाक़े में भेज दिया गया था जहां बीते कई दिनों से जंग जारी है. नागोर्नो-काराबाख़ दशकों से पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रह चुके आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच तनाव का कारण बना हुआ है.

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