मट्टो की साइकिल: ज़िंदगी के लॉकडाउन में फँसे मज़दूर की कहानी

मट्टो की साइकिल: ज़िंदगी के लॉकडाउन में फँसे मज़दूर की कहानी

फ़िल्म मट्टो की साइकिल एक ऐसे मज़दूर की कहानी है जिसका पूरा वजूद और रोज़ी रोटी एक टूटी फूटी साइकिल पर टिकी है.

ये फ़िल्म इस साल उन हज़ारों मज़दूरों की याद दिलाती है जो लॉकडाउन के दौरान पैदल या साइकिल पर ही घरों के लिए निकल पड़े थे.

फ़िल्म में लीड रोल किया है निर्देशक प्रकाश झा ने और इसे बनाया है एम गनी ने.

ये फ़िल्म बुसान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में दिखाई गई है.

एम गनी के साथ बातचीत की बीबीसी में भारतीय भाषाओं की टीवी एडिटर वंदना ने.

एडिटः देबलिन रॉय

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