मौलाना कल्बे सादिक़: उदारवादी विचारों से इज़्ज़त भी मिली और विरोध भी हुआ

मौलाना कल्बे सादिक़: उदारवादी विचारों से इज़्ज़त भी मिली और विरोध भी हुआ

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष और जाने-माने मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक़ का मंगलवार देर रात लखनऊ में निधन हो गया.

कैंसर, गंभीर निमोनिया और संक्रमण से पीड़ित मौलाना सादिक़ क़रीब डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे.

मौलाना कल्बे सादिक़ दुनिया भर में अपनी उदारवादी छवि के लिए जाने जाते थे.

मौलाना सादिक़ के बेटे कल्बे सिब्तैन नूरी ने बीबीसी को बताया, "लखनऊ स्थित एरा अस्पताल में रात क़रीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उन्हें पिछले मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी हालत बिगड़ती ही चली गई. तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका."

रिपोर्ट और आवाज़: समीरात्मज मिश्र, बीबीसी हिंदी के लिए

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