कहानी ज़िंदगी की-1: ड्रेन में रहने वाली लड़कियाँ

कहानी ज़िंदगी की-1: ड्रेन में रहने वाली लड़कियाँ

आ गया है बीबीसी हिंदी का ताज़ातरीन पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की.' 'कहानी ज़िंदगी की' के हर एपीसोड में रूपा झा आपको सुनाएंगी अलग अलग भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.

शुरुआत हिंदी के मशहूर रचनाकार असग़र वजाहत की लिखी कहानी से - ड्रेन में रहने वाली लड़कियाँ. असग़र अपनी कहानियों के बारे में लिखते हैं कि उनकी कहानियां चिकनी चुपड़ी, सुडौल सुंदर, आकर्षक संवेदना से सराबोर नहीं है. ये खुरदुरी, ऊबड़-खाबड़, उल्टी-सीधी और कभी-कभी भयानक निराशा पैदा करने वाली हैं.

21वीं शताब्दी के पहले दशक में लिखी गई असग़र वजाहत की कहानी ' ड्रेन में रहने वाली लड़कियाँ' एक सच्ची घटना से प्रेरित है.ये कहानी बुनियादी सवाल उठाती है कि क्या हमारा पुरुष प्रधान समाज, नारी विरोधी है?

लेखक- असग़र वजाहत

वाचन - रूपा झा

प्रस्तुतकर्ता- मोहन लाल शर्मा

ऑडियो मिक्सिंग- जितेंद्र सासन

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