पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की' एपिसोड 2: सती धनुकाइन

पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की' एपिसोड 2: सती धनुकाइन

ये है बीबीसी हिंदी का ताज़ातरीन पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की'

'कहानी ज़िंदगी की' के हर एपीसोड में रूपा झा आपको सुना रही हैं भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.

आज की कहानी का नाम है सती धनुकाइन. लेखक हैं मैथिली और हिंदी के प्रसिद्ध कवि कहानीकार राजकमल चौधरी.

राजकमल चौधरी को विद्रोही रचनाकार भी माना जाता है और उनका रचना संसार नए प्रयोगों से भरा पड़ा है. राजकमल चौधरी का जन्म 13 दिसंबर 1929 को हुआ और मृत्यु 19 जून 1968 को. उनके जन्म और मृत्यु स्थान को लेकर अलग अलग तरह की जानकारी उपलब्ध है, इसलिए केवल इतना ही कि उनका पैतृक स्थान है महिषी.. सहरसा बिहार..

सुनिए मार्च 1958 में उनकी लिखी कहानी - सती धनुकाइन .. जिसे हमने राजकमल प्रकाशन से साभार लिया है.

लेखक- राजकमल चौधरी

वाचन - रूपा झा

ऑडियो मिक्सिंग- जितेंद्र सासन

प्रस्तुतकर्ता- मोहन लाल शर्मा

कहानी साभार- राजकमल प्रकाशन

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