अगर आप समुद्र के बीच एक नाव पर हों तो क्या करेंगे?

अगर आप समुद्र के बीच एक नाव पर हों तो क्या करेंगे?

अगर आप समुद्र के बीच एक नाव पर हों तो क्या करेंगे?

पहला ये कि आप नाव चलाने का तरीका तय करने के लिए एक चुनाव करवाएँगे? या दूसरा ये कि आप ये तलाश करेंगे कि क्या नाव पर ऐसा कोई व्यक्ति मौजूद है जो नाव चलाने में माहिर है?

अगर आप दूसरा विकल्प चुनते हैं तो संभवतः ये आप मानते हैं कि इस तरह की स्थितियों में विशेषज्ञता अहमियत रखती है. आप नहीं चाहेंगे कि कोई नौसिखिया व्यक्ति जन्म और मरण वाली स्थिति में ये कयास लगाता रहे कि उसे आगे क्या करना है?

अब ये बताएं कि आप उनके बारे में क्या सोचते हैं जो कि एक बड़ी नाव, जिसे राज्य कहते हैं, उसे चलाते हैं?

क्या ये बेहतर नहीं होगा कि चुनाव के माध्यम से नेता तय करने की जगह राज्य का नेतृत्व करने के लिए किसी अनुभवी व्यक्ति को तलाश किया जाए?

ये बात लोकतंत्र का पालना कहे जाने वाले एथेंस के दार्शनिक प्लेटो ने अब से 2400 साल पहले अपनी किताब 'द रिपब्लिक' के छठवें अध्याय में ये दावा किया था.

ये न्याय, मानव स्वभाव, शिक्षा और पुण्य जैसे विषयों पर सबसे पहली और प्रभावशाली किताब है. इस किताब में सरकार और राजनीति को लेकर भी बात की गई है. बातचीत के रूप में लिखी गई इस किताब में सुकरात और प्लेटो एवं उनके दोस्तों के बीच राजसत्ता को लेकर बातचीत है.

गुरु और शिष्यों के बीच बातचीत में बताया गया है कि एक सरकार दूसरे से अच्छी क्यों है? इस किताब में डेमोक्रेसी पर उनके विचार में साफ दिखाई देता है - ग्रीक भाषा में लिखा है, "लोगों की सरकार, फैसले लेने के मामले में मुफ़ीद नहीं है."

स्टोरी: टीम बीबीसी

आवाज़: आदर्श राठौर

वीडियो एडिटिंग: मनीष जालुई

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