बांग्लादेश ने अकाल से आत्मनिर्भर बनने की यात्रा कैसे पूरी की?

बांग्लादेश ने अकाल से आत्मनिर्भर बनने की यात्रा कैसे पूरी की?

साल 1971 में जब बांग्लादेश अस्तित्व में आया तो वह दुनिया भर की प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी नाज़ुक दौर से गुज़र रहा था.

इसकी वजहें भी थीं. उसके सामने बड़ी आबादी, कम साक्षरता दर, बेहिसाब ग़रीबी, सीमित प्राकृतिक संसाधनों और काफ़ी कम संख्या में उद्योगों की चुनौती थी.

कई लोगों के मन में ये सवाल उठता था कि क्या बांग्लादेश एक स्वतंत्र राज्य के रूप में ज़िंदा भी रह पाएगा या नहीं.

एक वक़्त था कि अमेरिका के विदेश मंत्री रहे हेनरी किसिंजर ने भविष्यवाणी की थी कि बांग्लादेश एक ऐसा देश बनकर रह जाएगा जो अपनी समस्याओं का समाधान ख़ुद नहीं कर पाएगा और वो किसी अन्य की सहायता पर निर्भर हो कर रह जाएगा.

आज बांग्लादेश की कहानी कुछ और है.

स्टोरी: मुहम्मद तफ़्सीर-उल-इस्लाम

आवाज़: मानसी दाश

वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया

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