ओलंपिक में परफेक्ट 10 स्कोर करने वाली नादिया की कहानी

ओलंपिक में परफेक्ट 10 स्कोर करने वाली नादिया की कहानी

ओलंपिक्स को लेकर आप कितना एक्साइटेड हैं? 1 से 10 की स्केल पर बताइए. क्या कहा? 10? और अगर मैं आपसे कहूं कि हमारी स्केल पर 10 है ही नहीं. आप कहेंगे ऐसा कैसे हो सकता है. लेकिन ऐसा हो चुका है. आज से 45 साल पहले...ओलंपिक में ही. बात 1976 ओलंपिक्स की है. तब ओलंपिक खेल मॉन्ट्रियल में हुए थे. 14 साल की रोमानिया की एक जिमनास्ट नादिया कोमानेची आईं और उन्होंने अनइवन बार्स पर 'परफेक्ट 10' स्कोर किया. उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया था कि स्कोरबोर्ड को भी समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे. वो इसलिए क्योंकि स्कोरबोर्ड को इस तरह डिज़ाइन ही नहीं किया गया था कि वो चार डिजिट (10.00) दिखा सके, क्योंकि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा हो सकता है. अब जज समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें. 10 स्कोर कैसे दिखाएं. तो तय ये किया गया कि तीन डिजिट में इसे या तो ऐसे (1.00) या फिर ऐसे (.100) दिखाया जा सकता है. आखिर में 1.00 दिखाने पर सहमति बनी और कोमानेची...परफेक्ट ‘1.00’ या ‘परफ़ेक्ट टेन’ हासिल करने वाली इतिहास की पहली खिलाड़ी बन गईं.

वीडियो: गुरप्रीत सैनी और देवाशीष कुमार

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