हॉकी की कामयाबी के पीछे ओडिशा का क्या रोल है?

हॉकी की कामयाबी के पीछे ओडिशा का क्या रोल है?

भारत में क्रिकेट की दीवानगी आसमान छूती है लेकिन हाल में जब टोक्यो ओलंपिक में पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद कांस्य पदक जीता और महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी ताक़तवर टीम को शिकस्त दी, तो सभी लोग क्रिकेट छोड़कर हॉकी की बात करने लगे. लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि भारत का एक राज्य ऐसा है जो साल भर हॉकी की बात ही करता है. उसका फोकस कई खेलों पर है, लेकिन हॉकी सबसे ऊपर है. हम बात कर रहे हैं ओडिशा की, जिसके मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की हॉकी को सपोर्ट करने को लेकर हाल में सोशल मीडिया पर काफ़ी तारीफ़ हो रही थी. लेकिन ऐसा नहीं है कि सब कुछ अच्छा-अच्छा है. क्रिकेट के दीवाने इस देश में हॉकी को अपनी पुरानी रौनक़ हासिल करने के लिए काफ़ी मेहनत करनी होगी. और ये मेहनत सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर करेंगे तो नतीजे भी अच्छे आएंगे. क्या आने वाला समय हॉकी को क्रिकेट से मुकाबला करते देखेगा? भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी की ख़ास रिपोर्ट.

वीडियो: ज़ुबैर अहमद और शुभम कौल

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