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थ्री इडियट्स मेरी कहानी है: माधवन

13 फ़रवरी 2010 19:47 IST
माधवन

फ़िल्म थ्री इडियट्स के 'एक इडियट' माधवन इन दिनों विदेश यात्रा पर है. फ़ोटोग्राफ़ी के लिए नहीं बल्कि हेती में हुए विनाशकारी भूकंप से पीड़ित लोगों की मदद के लिए.

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के साथ मिलकर माधवन इन दिनों भूकंप पीड़ितों के लिए मदद जुटा रहें हैं. अपने इस अमरीकी प्रवास के दौरान माधवन ने अपनी आने वाली फ़िल्म 'तीन पत्ती' और 'थ्री इडियट्स' की सफलता के बारे में बात की.
आप का निक नेम 'मैडी' है. ये कैसे पड़ा?

कॉलेज के समय से ही लोग मुझे मैडी बुलाते हैं. 'रहना है तेरे दिल में' भी मेरा नाम मैडी ही था. इसके बाद से सभी ने मुझे मैडी बुलाना शुरू कर दिया था.

आपकी पहली हिंदी फ़िल्म थी 'रहना है तेरे दिल में' इस फ़िल्म के बारे में कुछ बताइए.
'रहना है तेरी दिल में' मेरी साउथ की फ़िल्म 'मिनाले' पर आधारित थी. मैंने इसके निर्देशक को इंट्रोड्यूस किया था. साउथ में फ़िल्म बहुत हिट हुई थी तो हमने हिंदी में भी फ़िल्म बनाई. फ़िल्म को पसंद किया गया पर फ़िल्म की रिलीज़ के बहुत दिनों बाद इसको पहचान मिली.

'रामजी लंदन वाले' की कहानी आपने लिखी थी. इस कहानी का प्लॉट आपको कैसे सूझा?
ये फ़िल्म भी मेरी एक साउथ की फ़िल्म 'नल दमयंती' की रीमेक है. मै काफ़ी कम उम्र से विदेशों का सफ़र करता आया हूँ तो यहाँ शुरुआत में क्या-क्या परेशानी होती है, मुझे बहुत अच्छी तरह से पता था.