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सात चीज़ें जो स्टीव जॉब्स के बिना बदल गईं

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5 अक्तूबर 2012 17:43 IST

रॉबर्ट स्कॉबल

तकनीकी मामलों पर लिखने वाले

स्टीव जॉब्स

पिछले साल इसी दिन स्टीव जॉब्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया था लेकिन सच ये है कि स्टीव जॉब्स की कमी की भरपाई नहीं हो पाई है. कॉरपोरेट जगत में अक्सर ये सुनाई देता है कि हम ‘स्टीव जॉब्स की कमी’ महसूस करते हैं.

ये कमी कभी भी किसी को भी महसूस हो सकती है. मसलन एक कॉकटेल पार्टी के दौरान स्टीव जॉब्स के साथ काम करने वाले ऐपल के कर्मचारियों ने कहा कि उनके चीखने-चिल्लाने को सबसे ज्यादा ‘मिस’ करते हैं.

नए आई-फोन के लिए लाइन में खड़े, फोन के लॉन्च की प्रेस कॉन्फ्रेन्स सुनते या फोन की किसी दुकान के सामने से गुज़रते आम लोग भी अक्सर ये कहते सुनाई देते हैं कि स्टीव जॉब्स के बिना स्मार्टफोन्स की दुनिया नीरस हो गई है.

क्या कुछ बदला

बड़ी कंपनियां बहुत चीज़ों पर टिकी होतीं है और ऐपल के पास स्टीव जॉब्स और उनकी टीम से मिला बहुत कुछ है लेकिन ऐसा क्या है जो स्टीव जॉब्स के जाने से चला गया है.

हम ये जानते हैं कि मोबाइल और तकनीक का ज़माना अभी शुरु हुआ है और एक लंबी दौड़ अभी बाकी है लेकिन स्टीव जॉब्स जैसे लोगों की कमी शायद इस मायने में खलेगी कि हम ये नहीं जान पाएंगे कि इस सब के बीच हम ऐसा क्या करते रहें कि तकनीक हर हाल में हमें गुलाम न बना पाए.

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