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पाकिस्तान फिर सोचे: आईएसआई पूर्व प्रमुख

लाहौर में केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र पर हुए हमलों के बाद सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां चरमपंथियों से निपटने की अपनी नीति पर दोबारा गंभीरता से सोचें.

दो दिन पहले रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना मुख्यालय पर हुए हमलों के बाद लाहौर में सुरक्षा एजेंसियों पर हुए हमलों से पाकिस्तानी सरकार ही नहीं बल्कि सैनिक नेतृत्व पर भी दबाव बढ रहा है.

पाकिस्तानी सेना की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख रिटायर्ड जनरल असद दुर्रानी ने बीबीसी संवाददाता अनीश अहलूवालिया से बातचीत करते हुए स्वीकार किया कि चरमपंथ से निपटने में पाकिस्तानी सरकार की सबसे बड़ी ग़लती यह हुई है कि उसने सभी गुटों को एक बस्ते में डाल कर देखा है.