कोलकाता का मछली बाज़ार

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एक नए शोध का कहना है कि अगले 50 वर्षों में भारत में मछलियों की आबादी में 40 प्रतिशत की कमी हो जाएगी और इसकी वजह है बढ़ता तापमान, जलवायु परिवर्तन और जल प्रदूषण.

इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ेगा तटवर्ती इलाक़ों में. कोलकाता जैसे कुछ शहरों पर इसकी मार और ज़्यादा पड़ेगी. क्योंकि यहाँ ग़रीब हो या अमीर, मछली उनके भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा है.

असर अभी से नज़र आने लगा है क्योंकि मछलियों की आपूर्ति कम होने लगी है और क़ीमतें ऊपर जा रही हैं.

कोलकाता का हावड़ माछ बाज़ार यहाँ के सबसे बड़े होलसेल बाज़ारों में से एक है. बीबीसी संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय वहाँ पहुँचे मछलियों की नब्ज़ टटोलने.

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