प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

सांसदों के वेतन में वृद्धि कितनी जायज़

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय सांसदों के मूल वेतन में 300 प्रतिशत की वृद्धि का फ़ैसला लिया है.

सांसदों की तनख़्वाह पहले क़रीब 16,000 रूपए होती थी. अब वो लगभग 50,000 रूपए होगी.इसके अलावा अन्य भत्ते भी दो गुना बढ़ा दिए गए हैं.

सांसदों को मिलनेवाली पगार में ये वृद्धि क्या जायज़ है? क्या ये सच नहीं कि उनकी तनख़्वाह वास्तव में काफी कम थी और ये वृद्धि अब वास्तविकता के क़रीब हो गई है.

या आप ये मानते हैं कि सांसदों के वेतन बढ़ाए जाने की कोई ज़रूरत थी ही नहीं.