राष्ट्रमंडल खेलों पर लाइव टेक्स्ट

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10.53 वहीं कलमाड़ी बार-बार यही कहते रहे कि मेलबर्न की टक्कर के खेल होंगे और आलोचकों का जवाब वे खेलों के बाद देंगे

10.50 फ़ेनेल ने ये भी माना है कि इस पूरे प्रकरण के कारण बतौर मेज़बान भारत की छवि को नुकसान पहुँचा है और बहुत से काम ऐसे हैं जो बहुत पहले हो जाने चाहिए थे

10.49  फ़ेनेल और कलमाड़ी ने अपनी पत्रकार वार्ता में स्वीकार किया है कि दिक्कतें रही हैं और वे इस सबकी ज़िम्मेदारी लेते हैं. फेनेल ने कहा कि खेल गाँव में सुधार हुआ है लेकिन फायर सेफ्टी को लेकर फेनेल ने सवाल उठाए.

10.47 कलमाड़ी- मेनचेस्टर में हम यूनिवर्स्टी में रहे थे जबिक हमने अच्छा ख़ासा खेल गाँव तैयार करके दिया है.

10.43 फ़ेनेल- कौन सा खेल कब होगा,  ये तीन सितंबर को  सौंपा जाता है. इसके बाद पुष्टिकरण का काम होता है. ये काम चल रहा है.  कौन से खिलाड़ी खेल रहे हैं जल्द ही ये बता दिया जाएगा. आयोजन समिति पुष्टिकरण का काम कर रही है.

10.42 कलमाड़ी- हमारे खिलाड़ियों को खेल गाँव अच्छा लगा. उनके ब्लॉक में फ़ायर सस्टिम काम कर रहा है.

10.41  फ़ेनेल से पूछा गया कि भारत के खिलाड़ियों को क्यों खेल गाँव भेज दिया गया जबकि बाकी देशों के खिलाड़ी नहीं गए हैं. फेनेल- ये भारतीय खिलाड़ियों का फ़ैसला है.

10.39 फ़ेनेल- सभी देश राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे हैं. उनके कुछ खिलाड़ी नहीं आ रहे हैं लेकिन सबका कारण अलग-अलग है.  उनकी बात करिए जो खिलाड़ी आ रहे हैं. नए सितारों का उदय होगा.

10.39 कलमाड़ी- हमारा लक्ष्य है कि हम मेलबर्न जैसा खेल आयोजित कर सकें

10.38 फ़ेनेल से पूछा गया कि क्या भारत उम्मीदों पर खरा उतरा है.  फ़ेनेल- हाँ मुझे कई मामलों में बहुत निराशा हुई है लेकिन अब जब मिल कर काम कर रहे हैं तो हमें आलोचना नहीं करनी चाहिए. हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि खेल बेहतर हों

10.36  फ़ेनेल- राष्ट्रमंडल खेल को रद्द करना कभी हमारा एजेंडा नहीं था. टीमों में चिंता ज़रूर थी कि क्या उनके खिलाड़ी सुरक्षित हैं लेकिन सब लोगों ने अब इसकी ओर काम किया है ताकि कोई दिक्कत न हो.  ये बात दुख की बात है कि काम देर से हुआ

10.34 कलमाड़ी से पूछा गया कि भारत को लेकर ऐसी भावना है कि लोगों को छला गया है. कलमाड़ी- खेल गाँव में कुछ समस्या रही है. लेकिन ज़्यादातर हिस्से अच्छे बने हैं. सफ़ाई को लेकर ही दिक्कत थी. लेकन आधारभूत ढाँचा बेहतरीन है. खेल अच्छे तरीके से होंगे. मैनचेस्टर भी लोगों को यूनिवर्स्टी मे रहना पड़ा था पर हमने कुछ नहीं किया.

10.33 फ़ेनेल- तमाम संदेहों के बावजूद सब टीमें राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे

10.32 फ़ेनेल- इंग्लैंड टीम ने खेल गाँव में आने से मना नहीं किया है. जैसे जैसे खेल गाँव तैयार होता रहेगा, टीमें आती रहेंगी

10.31 फ़ेनेल से पूछा गया कि इमारतें कितनी सुरक्षित हैं निर्माण के हिसाब से. फ़ेनेल- मैं कोई इंजीनियर नहीं हूँ पर हमने परीक्षण किए हैं. और हमें प्रमाणपत्र मिले हैं.

10.28 कलमाड़ी- आयोजन समिति का रोल क्या है? हम निर्माण के काम में शामिल नहीं है. मेरा काम खेल का आयोजन है. अभी आठ दिन बचे हैं और हम काम कर लेंगे 

10.26 फेनेल- हम सबको इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. लेकिन ये पहले खेल नहीं है जहाँ दिक्कतें हुई हैं. हमें लगता है कि दिल्ली में भी सब कुछ ठीक हो जाएगा. पीछे मुड़कर देखता हूँ कि तो कह सकता हूँ कि बहुत से चीज़ें बेहतर हो सकती थीं.  मेजबान के तौर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है.  लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या भारत को मेज़बानी देनी चाहिए थी. मैं उम्मीद करतू हँ कि इस सब के अंत में भारत अपने सबक सीखेगा. हमें भी सीखने को मिला कि भारत जैसे देश के साथ कैसे काम करना चाहिए.

10.25  कलमाड़ी और फ़ेनेल से सवाल पूछा गया कि इस सब से भारत की छवि को कितना नुकसान पहुँचा है और क्या सबको इसकी ज़िम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए.

10.23  कलमाड़ी- जहाँ तक  सुरक्षा का सवाल है, हम कई सालों से इस पर बैठकें कर रहे हैं.  बाकी देशों ने सुरक्षा पर संतुष्टि जताई है. जामा मस्जिद के बाहर जो हुआ वो खेलों से जुड़ा हुआ नहीं है.  बसों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.- ख़ासकर जब खिलाड़ी एयरपोर्ट से आएँगे, एहतियात बरता जा रहा है. जहाँ तक आग लगने की सूरत की बात है, आज तक हम वो मसला सुलझा लेंगे. जहाँ तक ओलंपिक की मेज़बानी की बात है तो मैं इस पर बाद में बात करूँगा.

10.22  ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रमुख- हमने लगातार चीज़ों में सुधार देखा है. अगर लोग काम करते हैं, तो सुधार होना लाज़मी है

10.19  वेल्स टीमों के प्रतिनिधिमंडलों के  अध्यक्ष- पहले तो खेल गाँव में बहुत सारी दिक्कते थें, काम धीमा हो रहा था लेकिन जब ये चीज़ें सार्वजनिक की गई तो काम में सुधार होना शुरु हुआ. चार दिन से संसाधन बढ़ा दिए गए हैं.  हमें लगा कि ख़राब प्रबंधन का मामला है और संसाधनों की कमी का मामला है. हम चाहेंगे कि काम चलता रहा.

10.18  फ़ेनेल- फ़ाइनल टच देने में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है

10.17  फ़ेनेल- पिछले साल मैने तैयारियों के लेकर काफ़ी आलोचना की थी और कई लोगों को अच्छा नहीं लगा था. तैयारियों में कमियाँ अचानक सामने नहीं आई हैं.

10.16  कलमाड़ी भी पत्रकार वार्ता में मौजूद है. उनका कहना है कि फ़ेनेल ने आयोजन समिति पर ऊंगली नहीं उठाई है. हमें कुछ टॉवर देर से मिले और इसलिए दिक्कते हुईं.  जो कुछ हुआ अध्यक्ष होते हुए मैं सब चीज़ों के लिए ज़िम्मेदारी लेता हूँ पर मैं चाहता था कि हमें वेन्यू जल्दी दे दिए गए होते.

10.15  फ़ेनेल से सवाल पूछा गया कि दिक्कतों के लिए कौन ज़िम्मेदार है. उनका जवाब है कि हर पक्ष का ज़िम्मेदारी है कि काम ठीक हो

10.14 फ़ेनेल- जहाँ तक खेल गाँव में गंदगी का सवाल है तो मैने पहले भी साफ़ सफ़ाई की बात की थी जब मैंने अगस्त में पत्रकार वार्ता की थी. इसके लिए आयोजन समिति ज़िम्मेदार है और वे डिवेलपरों पर निभर्र है.

10.13 फ़ेनेल- हम स्थिति पर लगातार नज़र रखे रहेंगे..माइक हूपर भी खेल गाँव में है.

10.12 फ़ेनेल- मैं दिन में अभी एक और इंस्पेक्शन करूँगा

10.11 फ़ेनेल- हम सरकार का भी धन्यवाद करना चाहेंगे. हम ये ज़रूर कहेंगे कि काम पहले होना चाहिए था.

10.10- फ़ेनेल- विभिन्न देशों के प्रतिनिधिनमंडल के प्रमुखों ने तैयारियों की आलोचना की है. लेकिन मै तारीफ़ करना चाहूँगा कि उन्होंने वचनबद्ता दिखाई है कि राष्ट्रमंडल खेल होने चाहिए. कुछ ने तो ख़ुद साफ़ सफ़ाई की है.

10.9  फ़ेनेल- अच्छी बात ये है कि अंतरराष्ट्रीय ज़ोन का  काम हो गया, बहुत ही अच्छा बना है. इसमें डाइनिंग रूम भी है.  खाना बहुत ही अच्छा है. खिलाड़ियों के लिए अच्छा खाना मिलना बहुत ज़रूरी है.

10.08  फ़ेनेल- कई देश अभी आए नहीं है.  वे हमसे लगातार सवाल पूछ रहे हैं और अब उनसे संपर्क में है

10.07 फ़ेनेल- कई इमारतों में काम बचा हुआ है. बेसमेंट में पानी घुसा हुआ है जिसे हटाना मुश्किल हो रहा है. लेकिन काम चल रहा है. वादा किया गया है कि आज ही फ़ायर इंस्पेक्शन रिपोर्ट दी जाएगी और फ़ायर अलार्म टेस्ट आज भी होगा.

10.07 फ़ेनेल- हमारी कोशिश है कि टीमों को कोई समस्या न हो

10.06 फ़ेनेल-ये बात साफ़ है जो काम अब हो रहा है जो काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था

10.05  फ़ेनेल-लेकिन सरकार ने  अब हस्तक्षेप किया है लेकिन मुझे खुशी है कि जिन टीमों ने पहले आने को लेकर नाखुशी जताई थी अब वो आ रही हैं

10.04  फ़ेनेल-पहले यातायात को लेकर दिक्कते हैं, अग्निशमन प्रावधानों को लेकर भी दिक्कतें बताई गई थीं

10.00 फ़ेनेल-पहल खेल गाँव में बहुत सारी दिक्कते थीं लेकिन मुझे बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि अब काफ़ी सुधार हुआ है.

0955 राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन के अध्यक्ष माइकल फ़ेनेल खेलों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए भारत में हैं और  पत्रकार वार्ता संबोधित कर रहे हैं.  साथ में सुरेश कलमाड़ी भी हैं. लाइव टेक्स्ट लेकर मैं आपके साथ हूँ वंदना.

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