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सोनिया गांधी बनाम महात्मा गांधी

  • 4 जनवरी 2011

भारत में कॉंग्रेस पार्टी के 125 वर्ष पूरे होने पर पार्टी ने अपनी उपलब्धियों और कमियों का लेखाजोखा एक किताब के ज़रिए पेश किया है.

किताब में अन्य बातों के अलावा सत्ता से विमुख होने के मामले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की तुलना महात्मा गांधी से की गई है.

यही नहीं राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में उनकी अध्यक्षता के महत्व को यह कह कर उजागर किया गया है कि उनकी वजह से संसद में खाद्य सुरक्षा बिल के पारित होने में कोई बाधा नहीं आएगी.

सोनिया का किताब में बार-बार निस्वार्थ रूप से पार्टी के नेतृत्व प्रदान कर उसकी साख ऊँची करने वाली नेता के रूप में ज़िक्र किया गया है.

कॉग्रेस समर्थक इसे अपनी नेता की एक सही तस्वीर मान रहे हैं तो विरोधी इसे चापलूसी और चमचागीरी की पराकाष्ठा बता रहे हैं.