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सलमान तासीर के बाद कोई आवाज़ उठ पाएगी ?

जाब के गवर्नर सलमान तासीर उस देश का उदारवादी और प्रगतिशील सोच का चेहरा माने जाते थे. उनके अगंरक्षक मुमताज़ क़ादरी का कहना है कि इन्ही कारणों से उन्होनें उनकी हत्या की. क्या ये हत्या महज़ एक आदमी का सलमान तासीर के खिलाफ गुस्सा था या इसके पीछे एक कट्टरपंथी आंदोलन का हाथ था.

क्या सलमान तासीर की हत्या और उनके हत्यारे के समर्थन में उठ रही आवाज़े पाकिस्तान में ख़त्म हो रही उदारवादी आवाज़ो की अंतिम कड़ी है..

कौन है इसका ज़िम्मेदार..

क्या पाकिस्तान की संस्कृति इसके लिए ज़िम्मेदार है जो कि चरमंपथी विचारधारारों को चुनौती देने मे असमर्थ है.

या इस तरह की रूढीवादिता और ईशनिंदा कानून का बोलबाला पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं है.