मुख़्तारा माई से एक विशेष बातचीत

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पाकिस्तान में अब से लगभग नौ वर्ष पहले मीरवाला गाँव की पंचायत के आदेश पर सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई मुख्तारा माई का संघर्ष अब भी जारी है.

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट से बलात्कार के अभियुक्तों के बरी हो जाने के बाद, मुख्तारा माई ने देश की सबसे ऊँची अदालत में अपील दायर की है कि उनके मामले की सुनवाई एक बड़े बेंच के सामने हो.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा कि अदालतों से उनका विश्वास उठ गया है और उन्हें इंसाफ़ मिलने की उम्मीद नहीं है, लेकिन साथ ही वे ये भी कहती हैं कि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है और उनका संघर्ष जारी रहेगा.

मुख्तारा माई कहती हैं कि वे जुल्म को इल्म से ख़त्म करने की मुहिम चला रही हैं, उन्होंने तीन स्कूल खोले हैं जिनमें एक हज़ार से अधिक लड़के और लड़कियाँ पढ़ते हैं, वे जिस गाँव इतनी बड़ी ज्यादती का शिकार हुईं उसी गाँव को वे जड़ से बदलने का साहसिक काम कर रही हैं.

राजेश प्रियदर्शी के साथ उनकी विशेष बातचीत देखिए.

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