प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

'हिंदी का स्वरूप मीडिया ने बिगाड़ा है'

14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज साहित्य, शिक्षा, सिनेमा और विज्ञापन की भाषा के रूप में हिंदी का काफ़ी विस्तार हुआ है लेकिन इसके स्वरूप में आए बदलाव को कुछ लोग ठीक नहीं मानते. हिंदी के साथ अंग्रेज़ी के शब्दों का प्रयोग, भाषा के व्याकरण के साथ छेड़छाड़, बाज़ार के दबाव में ऐसे चलताऊ प्रयोग जो हिंदी के मूल स्वरूप को कहीं न कहीं प्रभावित कर रहे हों - इसके बारे में हिंदी के मर्मज्ञ चिंतीत हैं. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष रहे मैनेजर पांडेय का मानना है कि मीडिया ने हिंदी के स्वरूप को बिगाड़ने में सबसे अहम भूमिका निभाई है. मैनेजर पांडेय से बातचीत की बीबीसी संवाददाता रूपा झा ने