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जेल से मॉल तक

  • 14 दिसंबर 2011

पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के तिहाड़ जेल में क़ैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए कई क़दम उठाए गए हैं. उन्हें तरह-तरह के काम सिखाए जा रहें हैं जिससे वे सज़ा ख़त्म होने के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके.

जेल के विभिन्न कारख़ानों में इन क़ैदियों के ज़रिए बनाए गए सामान ‘टीजेज़’ के नाम से भी बेचे जाते हैं. सामान में मसाले, नमकीन, हाथ से बने काग़ज़ के उत्पाद, कपड़े, हथकरघा, बेकरी और लकड़ी के उत्पाद शामिल हैं.

अब तक टीजेज़ उत्पाद तिहाड़ जेल के अलावा दिल्ली के विभिन्न न्यायालय परिसर, केंद्रीय भंडार, खादी भंडार, गांधी स्मृति, कुछ सरकारी और शिक्षण संस्थानों और प्रदर्शनियों में बेचे जाते थे.