प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

'हिंदू बन के कोई गुनाह नहीं किया'

  • 18 जनवरी 2012

विभाजन को 63 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन पाकिस्तान का हिंदू समुदाय अभी भी इस देश में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है. फ़िरौती के लिए अपहरण, लड़कियों की जबरन शादी और धर्म-परिवर्तन अहम मुद्दे हैं. कराची हिंदू पंचायत के मुताबिक़ हर महीने 15 से 20 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लड़कियों को घरों से निकाला जाता है, उन्हें मुस्लिमान बनाया जाता है और उनकी जबरन शादी की जाती है.

कराची का एक हिंदू परिवार भी ऐसी ही एक पीढ़ा से गुज़र रहा है. कराची से बीबीसी हिंदी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ की रिपोर्ट