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जिन्हें दो गज़ ज़मीन नसीब नहीं

  • 11 फरवरी 2012

राजस्थान में कालबेलिया समाज के लोगों की पीड़ा और दर्द की सुध न तो प्रशासन को है और न सरकार को. यह बात और है कि राजस्थान की लोक कलाओं और पर्यटन का जब भी ज़िक्र आता है, सरकार सबसे पहले इन्हीं की तस्वीरें और प्रस्तुतियां परोसती नज़र आती हैं.

स्थिति यह है कि कालबेलिया समाज की 80 प्रतिशत आबादी के पास सिर छिपाने को एक छत तक नहीं है और ये लोग भीख मांगकर गुज़ारा करने को मजबूर हैं.

सुनिए, यह विशेष रिपोर्ट-