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बिल्क़ीस बानो से बातचीत.

मुंबई स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जनवरी 2008 में अपना फ़ैसला सुनाते हुए बिल्क़ीस बानो मुक़दमे के कुल 20 अभियुक्तों में से 12 को बलात्कार, हत्या और सबूत मिटाने का दोषी क़रार दिया था.

अदालत ने पर्याप्त सबूत ना होने के कारण सात लोगों को रिहा कर दिया था जबकि एक अभियुक्त की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी.

दोषी पाए गए 12 लोगों में से 11 को उम्र क़ैद और एक पुलिसकर्मी, लीमखेड़ा पुलिस थाना के तत्कालीन हेड कॉंस्टेबल, सोमाभाई गोरी को तीन साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.

इस फ़ैसले के बाद बिल्क़ीस बानो दिल्ली आईं थी और एक प्रेस कांफ़्रेंस में अपनी आप-बीती सुनाई थी.

उसी समय बीबीसी संवाददाता रूपा झा ने बिल्क़ीस बानो और उनके पति से बातचीत की थी.