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बीस करोड़ का बिहार दिवस

  • 27 मार्च 2012

सौ साल पहले बिहार को एक अलग राज्य का दर्जा मिला था. इसलिए 'बिहार दिवस' की सौवीं वर्षगाँठ धूमधाम से मनाने वाले सरकारी समारोहों पर कम से कम बीस करोड़ रूपए ख़र्च करने की पुष्टि ख़ुद राज्य सरकार ने की है.

विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की व्यक्तिगत राजनीतिक छवि चमकाने और सरकारी धन की लूट मचाने के मकसद से इतना बड़ा आडम्बर रचा गया.

उधर बिहार की सांस्कृतिक विरासत ओर ऐतिहासिक धरोहरों की उपेक्षा या बदहाली दूर करने में कंजूसी और सरकारी समारोहों में करोड़ों रूपए ख़र्च कर देने में उदारता पर सवाल उठाये जा रहे हैं.

इसी संदर्भ में सुनिए बीबीसी के बिहार संवाददाता मणिकांत ठाकुर की एक ख़ास रिपोर्ट.