'डोंट गो टु सी मडोना' अभियान ज़ोरों पर

 बुधवार, 1 अगस्त, 2012 को 13:44 IST तक के समाचार

पोलैंड में मडोना के कंसर्ट का विरोध

  • मडोना

    पोलैंड में कई कैथोलिक और दूसरे संगठन बुधवार को हो रहे मशहूर पॉप स्टार मडोना के कंसर्ट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि ये कंसर्ट वारसॉ विद्रोह की बरसी वाले दिन हो रहा है.

    कंसर्ट का टिकट खरीद चुके लोगों से अपील की जा रही हैं कि वे उसका बहिष्कार करें.

    68 साल पहले पोलौंड की राजधानी वारसॉ में नाजी कब्जे के विरोध में विद्रोह शुरू हुआ जो नाकाम रहा.

    इस विद्रोह में लगभग दो लाख जानें गई थीं जिन्हें वारसॉ में हर साल एक अगस्त को याद किया जाता है.

    कंसर्ट का विरोध करने के लिए खास तौर से एक वेबसाइट बनाई गई है.

    उस पर आकर लोग कंसर्ट के आयोजन पर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं.

  • मडोना

    वहीं कंसर्ट के आयोजकों का कहना है कि पूरी तैयारियां हो चुकी हैं और इसे टाला या रद्द नहीं किया जा सकता है.

    हालांकि वो कसंर्ट शुरू होने से पहले 1944 की घटनाओं को लेकर एक छोटी सी डॉक्यूमेंटरी जरूर दिखाएंगे.

    लेकिन एक युवा कैथोलिक संगठन ने कंसर्ट के खिलाफ ऑनलाइन मुहिम छेड़ी रखी है जिसमें लोगों से वहां न जाने को कहा जा रहा है. यूथ क्रूसेड नाम के इस संगठन का दावा है कि उसकी 'डोंट गो टू सी मडोना' मुहिम को अब तक 50 हजार लोगों का समर्थन मिल चुका है.

    वारसॉ में नाजी कब्जे के विरोध में 1944 में पहली अगस्त से दो अक्टूबर तक ये विद्रोह चला जिसे यूरोप में नाजी अधिपत्य के खिलाफ सबसे बड़ा सैन्य अभियान बताया जाता है.

    इस दौरान न सिर्फ लाखों लोगों की जानें गईं, बल्कि पोलिश राजधानी भी बर्बाद हो गई.

  • मडोना

    इस संगठन का कहना है कि मडोना ईसा मसीह से जुड़े क्रॉस और कांटों के ताज को गलत तरीके से पेश कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं.

    खास कर युवा लोगों से मडोना के कंसर्ट में न जाने की अपील की जा रही है.

    इस काम में इंटरनेट और सोशल मीडिया की भरपूर मदद ली जा रही है.

    वैसे के मडोना के एमडीएनए टूर को लेकर कई तरह के विवाद हुए हैं.

    वो ऑस्ट्रेलिया में अपना कंसर्ट टाल चुकी हैं. हालांकि उसके लिए कोई वजह नहीं बताई गई.

    लेकिन वारसॉ में इतने बड़े विवाद की शायद ही उन्हें उम्मीद रही हो.

    उनका ये टूर तय कार्यक्रम के अनुसार दिसंबर में दक्षिण अमरीका में पूरा होगा.

  • पोलैंड के युवा ईसाई संगठन के सदस्य मडोना पर अश्लीलता और यौन अभद्रता फैलाने का भी आरोप लगाते हैं.

    मडोना दुनिया की सबसे चर्चित और मशहूर हस्तियों में से एक हैं.

    दुनिया के हर कोने में उनके चाहने वाले मौजूद हैं जो उनके सुरों पर थिरकने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं.

    उनके गीतों को हाथोहाथ लिया जाता है.

    जब कहीं भी वो लाइव कंसर्ट करती हैं तो उनके चाहने वाले उमड़ पड़ते हैं.

    वारसॉ में मडोना का कंसर्ट कराने वाली कंपनी लाइव नेशन की प्रवक्ता एनिया पीएतजाक का कहना है कि वो वारसॉ विद्रोह की बरसी के महत्व को पूरी तरह समझती हैं और इसीलिए कंसर्ट के दौरान उस दौर की घटनाओं को दिखाया जाएगा.

  • मडोना के पोस्टर

    दूसरी तरफ आलोचक इस बात से कतई संतुष्ट नहीं है कि कंसर्ट में विद्रोह की घटनाओं पर एक छोटी सी क्लिप दिखा कर उसे चलने की अनुमति दे दी जाए.

    वैसे पोलैंड के राजधानी वारसॉ में मडोना के कंसर्ट को खूब प्रचारित किया गया है.

    लेकिन उसका विरोध करने वाले भी काफी सक्रिय हैं.

    उन्होंने जगह जगह लगे मडोना के कंसर्ट के पोस्टरों को विकृत कर दिया गया और उन पर पोलिश होम आर्मी के प्रतीक चिन्ह बन दिए गए हैं.

    पोलिश होम आर्मी यूरोप में नाजियों के दबदबे के वक्त सबसे बड़ी भूमिगत सेना थी.

    लेकिन मडोना के प्रशंसक इस कंसर्ट को अपनी पसंदीदा गायिका को देखने और सुनने का अच्छा मौका समझ रहे हैं.

  • मडोना के शो पर विवाद

    वारसॉ में विद्रोह की बरसी पर हर साल एक अगस्त को स्थानीय समय के अनुसार शाम पांच बजे सब कुछ थम जाता है.

    लोग 63 दिन तक चले विद्रोह के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के जहां हैं, वहीं खड़े हो जाते हैं.

    विपक्षी सांसद स्तानिसलाव पीएटा ने तो सरकार से ये अपील कर डाली है कि वो नेशनल स्टेडियम में हो रहे इस कंसर्ट को रुकवा दे.

    पीएटा का कहना है, “पहली अगस्त पोलिश और खास कर वारसॉ के लिए लोगों के लिए बहुत अहम दिन है. हमने पहले ही कंसर्ट के विरोध में हजारों लोगों के हस्ताक्षर ले लिए हैं.”

    दूसरी तरफ कंसर्ट रद्द होने की सूरत में न सिर्फ आयोजकों को बड़ा आर्थिक घाटा उठाना पड़ेगा, बल्कि इससे मडोना के टूर को भी धक्का लगेगा.

  • मडोना

    ये 53 वर्षीय मडोना के टूर से जुड़ा ताजा विवाद है.

    इससे पहले पैरिस में जब उन्होंने 45 मिनट में ही अपने शो को खत्म कर दिया तो उनके कुछ प्रशंसकों ने उन्हें खूब बुरा भला कहा.

    इतना ही नहीं, मडोना ने फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल फ्रंट के समर्थकों को भी उस समय नाराज कर दिया जब उन्होंने अपने वीडियो में पार्टी की नेता मैरीं ली पेन के चेहरे पर स्वास्तिक लगी तस्वीर दिखाई.

    नेशनल फ्रंट का कहना है कि वो अमरीकी गायिका पर मुकदमा करेगी.

    लेकिन मडोना ने इस मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया.

    उन्होंने कहा कि प्रवासियों को लेकर हर जगह असहिष्णुता बढ़ती जा रही है और कलाकार के तौर पर ये विरोध जताने का उनका तरीका है.

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