जब स्टूडियो पहुंचे जानवर

 मंगलवार, 23 अक्तूबर, 2012 को 11:43 IST तक के समाचार
  • अमरीकी फोटोग्राफर ब्रेड विल्सन ने एक अलग नज़रिए से जंगली जानवरों के फोटो लेने का फैसला किया. विल्सन ने जानवरों के प्राकृतिक आवास यानी जंगल के बजाय स्टूडियो में जानवरों की तस्वीरें ली और जानवरों की बेहद बारीक जानकारियों को कैमरे में कैद किया. लंदन की डॉइनेल गैलरी में आजकल ब्रेड विल्सन की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगी हुई है. (सभी तस्वीरें-ब्रेड विल्सन)
  • जानवरों के इस रुप को स्टूडियो के बाहर कैमरे में कैद करना मुमकिन नहीं है. इसीलिए स्टूडियों में पशुओं पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने का मौका मिला
  • अब जानवर इंसानी परिवेश में आ ही गए हैं तो इनके रुप और फोटो खिचवाने के अदाज़ किसी भी ईर्षा हो सकती है.
  • चिंपांज़ी के इस पोज़ में एक इंसान की झलक आती है.
  • इन तस्वीरों में आश्चर्यजनक रुप से जानवरों को करीब से देखा जा सकता है. ऐसा नहीं है कि जानवरों ने इस तरह के पोज़ पहली बार दिए हैं. इन जानवरों ने पहले भी कई फ़िल्मों में भाग लिया है.
  • लंदन में प्रदर्शन के बाद, विल्सन अपनी की तस्वीरों को पेरिस में प्रदर्शित करेंगे.
  • जब जंगल का राजा की स्टूडियों में तस्वीरें ली जाती हैं तो शेर की अक्रामक्ता, एक इशारे पर भावनाओं में बदल जाती है.
  • इस तस्वीर में चीते के शरीर पर बने निशानों की बनावट को आसानी से देखा जा सकता है लेकिन जंगल में 120 किलोमीटर की रफ्तार पर शायद ही इन निशानों को कैद किया जा सके.
  • सभी जानवरों का ख्याल रखने वाले इस फोटो सेशन के दौरान मौजूद थे और फोटोग्राफर को फोटो लेते वक्त कोई खतरा नहीं था लेकिन इस मगरमच्छ की आखों में देख लगता हैं कि मगरमझ कैमरामैन को घूर रहा हो.
  • जिस तरह से इन तस्वीरों में हकीकत को कैद किया गया हैं उन्हें जानवरो के परिवेश में कैमरे में उतारना संभव ना होता. बिलकुल अलग माहौल में उल्लू की मानवीय झलक इस तस्वीर में उभर कर आई है.
  • बर्फीले माहौल में शायद ही आर्कटिक लोमड़ी के फर की सफेदी इतनी सफेद दिखाइ दे.
  • लंदन में प्रदर्शन के बाद, विल्सन अपनी की तस्वीरों को पेरिस में प्रदर्शित करेंगे.

Videos and Photos

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.