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अंग्रेज़ी बनी तरक्की का पासपोर्ट

भारत से खाड़ी के देशों में जाने वाले मज़दूरों को सबसे बड़ी दिक्कत भाषा की आती है. वेल्डर, फ़िटर, बढ़ई जैसे काम करने वालों को अधिकारियों से दूसरे देशों से आए सहयोगियों से काम के बारे में बातचीत करना ढेड़ी खीर साबित होता है. लेकिन अब संयुक्त अरब अमीरात में ये लोग अंग्रेज़ी सीख कर अपने लिए तरक्की के रास्ते खोल रहे हैं.