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क़ानून के बेकसूर शिकार

  • 9 अगस्त 2013

भारत में आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत शक के आधार पर लोगों को छह महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है.

ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने महीनों हिरासत में गुज़ारे. और तहक़ीकात के बाद उनके ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया.

लेकिन एक बार आतंकवादी का ठप्पा लगने के बाद, कैसी होती है उनकी ज़िन्दगी, बीबीसी की खास रिपोर्ट