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यतीन्द्रः 'मेरी प्रिय कविता स्त्री के वज़ूद की बात करती है'

  • 9 सितंबर 2013

हिंदी कवि यतीन्द्र मिश्र को अमीर ख़ुसरो का लिखा गीत ‘काहे को ब्याही बिदेस’ बेहद प्रिय है.

उनका कहना है कि खुसरो ने इतने समय पहले ही भारतीय संस्कृति के उस अंतर्विरोध को देख लिया था जिसमें भारतीय परंपरा में विवाह के बाद बेटी के दूसरे घर में बस जाने की जो अनिवार्य शर्त टँकी हुई है.

यतीन्द्र मिश्र का मानना है कि ‘काहे को ब्याही बिदेस’ भी इसी चलन पर घर से परायी हो रही स्त्री की करुण पुकार का आख्यान है.