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विजयदान देथाः राजस्थानी लोक साहित्य के सृजनकर्ता

लोक कथाओं कौ आधुनिक भाव और भाषा से जोड़ने वाले विजयदान देथा को लोक साहित्य का पितामह कहा जाता है. चीन के महान लेखक लू शून और अर्जेंटिना के महान लेखक जॉर्ज लूई बोर्खेज ही की तरह देथा ने भी लोक साहित्य को अपने समय के लिए प्रासंगिक बनाया, उसका दस्तावेजीकरण किया.

जिस सदी में भाषाओं के विलुप्त होने की दर सबसे ज़्यादा है उस सदी में साहित्य रच रहे देथा ने अपनी मातृभाषा को अभिव्यक्ति का माध्यम चुनकर पूरी दुनिया में जगह बनाई. राजस्थानी भाषा को वह गौरव दिलाया जिसकी वो हकदार है.

सुनिए इस अप्रतिम लेखक से बीबीसी की बातचीत.