प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

मुसलमानों के हालात में कुछ ख़ास बेहतरी नहीं हुई

सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों की ज़मीनी हक़ीक़त जानने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर अमिताभ कुंडू का कहना है कि सच्चर कमेटी के लागू किए जाने के छह-सात साल भी मुसलमानों की स्थिति में कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं आया है.

उन्होंने इसी महीने अपनी अंतरिम रिपोर्ट अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री के रहमान ख़ान को सौंप दी और जून 2014 तक पूरी रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है.

बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद से एक ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ शुरूआत ज़रूर की है लेकिन उसका असर कोई ख़ास नहीं हो रहा है.

उन्होंने कहा कि आरक्षण मुसलमानों की समस्याओं का हल नहीं, इसकी जगह पर उन्होंने डाइवर्सिटी इंडेक्स यानी विविधता सूचकांक बनाने की वकालत की. उन्होंने ये भी कहा कि मुसलमानों की कुछ जातियों को एससी की लिस्ट में डाला जाना चाहिए.

सुनिए उनसे पूरी बातचीत. इक़बाल अहमद ने सबसे पहले उनसे पूछा कि अंतरिम रिपोर्ट की क्या ख़ास बातें हैं.